गांधी मैदान में 71वें श्री रामलीला महोत्सव की तैयारियां पूरी, 21 अक्टूबर को होगा भरत मिलाप
पटना: राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित 71वें श्री रामलीला महोत्सव के तहत 20 अक्टूबर को होने वाले रावण दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष 90 फीट ऊंचे रावण, 85 फीट ऊंचे मेघनाथ और 80 फीट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतले आकर्षण का केंद्र होंगे। रावण दहन के दौरान भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी। वहीं, दिल्ली के कलाकारों द्वारा रामलीला का मंचन जारी है और 21 अक्टूबर को शाम छह बजे भरत मिलाप का आयोजन होगा।
श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट की ओर से शनिवार को गांधी मैदान स्थित मुख्य मंच पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन की तैयारियों, कार्यक्रमों और प्रमुख आकर्षणों की जानकारी दी गई। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि महोत्सव को भव्य बनाने और दर्शकों की सुविधा के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं।
1955 से चली आ रही है पटना की गौरवशाली परंपरा
श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार ने कहा कि गांधी मैदान में रामलीला और दशहरा महोत्सव की परंपरा वर्ष 1955 से चली आ रही है। इस वर्ष महोत्सव का 71वां आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार रामलीला की प्रस्तुति बेहद शानदार रही है और पटना के लोगों ने कलाकारों के अभिनय को सराहा है।
उन्होंने महोत्सव के व्यापक कवरेज के लिए मीडिया जगत, सहयोग के लिए प्रशासन और कार्यक्रम में सहभागिता के लिए पटना के लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
90 फीट का रावण, 85 फीट का मेघनाथ और 80 फीट का कुंभकर्ण
रावण दहन के संयोजक मनीष सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष रावण का पुतला 90 फीट ऊंचा बनाया गया है। वहीं, मेघनाथ का पुतला 85 फीट और कुंभकर्ण का पुतला 80 फीट ऊंचा होगा। तीनों पुतलों का निर्माण आगरा के अनुभवी कलाकारों ने किया है।
उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे रावण दहन किया जाएगा। इस दौरान आकर्षक आतिशबाजी भी होगी। आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

गांधी मैदान की रामलीला आस्था और संस्कृति का प्रतीक
ट्रस्ट के चेयरमैन कमल नोपानी ने कहा कि रावण दहन महोत्सव का प्रमुख आकर्षण है। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि गांधी मैदान की रामलीला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं का जीवंत उत्सव है।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का प्रयास है कि यह गौरवशाली परंपरा हर वर्ष और भव्य रूप में आगे बढ़े तथा आने वाली पीढ़ियों तक बिहार की सांस्कृतिक विरासत पहुंचती रहे।
दिल्ली के कलाकार कर रहे रामायण के प्रसंगों का मंचन
रामलीला महोत्सव के संयोजक आशु गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार रामायण के विभिन्न प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन कर रहे हैं। रामलीला के माध्यम से दर्शकों को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा से जुड़े प्रसंग देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर को रावण दहन के बाद 21 अक्टूबर को शाम छह बजे भरत मिलाप का आयोजन किया जाएगा।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति की स्वीकृति मिलने का दावा
ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश कुमार नंदन ने कहा कि रावण दहन कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन में बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, नगालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, जो दशहरा कमिटी ट्रस्ट के विशिष्ट संरक्षक भी हैं, की उपस्थिति के लिए स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि इस बार रावण दहन में विशालकाय पुतलों और शानदार आतिशबाजी के कारण बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
महोत्सव को सफल बनाने में जुटे ट्रस्ट के पदाधिकारी
ट्रस्ट के महासचिव प्रिंस कुमार राजू ने कहा कि महोत्सव को सफल बनाने के लिए सभी पदाधिकारी, सदस्य और युवा कार्यकर्ता लगातार जुटे हुए हैं। वहीं, कोषाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार ने लोगों से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने की अपील की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सुजय सौरभ, सुषमा साहू, गोपाल कृष्ण, सुरेंद्र प्रसाद, सुरेश मल्होत्रा, इंजीनियर प्रमोद गुप्ता, दिनेश अरोड़ा, रामलीला के सह-संयोजक राजेश बजाज, आर्य नंदन, संजय राय तथा रावण दहन के सह-संयोजक बी.बी. वर्मा एवं नीरज गांधी समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
गांधी मैदान में होने वाला रावण दहन पटना के प्रमुख दशहरा आयोजनों में शामिल है। विशालकाय पुतलों, रामलीला और आतिशबाजी के बीच यह आयोजन शहर के लोगों के लिए विशेष आकर्षण रहने वाला है।
कार्यक्रम का विवरण
- स्थान: गांधी मैदान, पटना
- रावण दहन: 20 अक्टूबर, शाम 5:30 बजे
- भरत मिलाप: 21 अक्टूबर, शाम 6 बजे
- रावण की ऊंचाई: 90 फीट
- मेघनाथ की ऊंचाई: 85 फीट
- कुंभकर्ण की ऊंचाई: 80 फीट
- आयोजक: श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट