बिहार में जमाबंदी सुधार को लेकर बड़ा आदेश, अब आवेदन का इंतजार नहीं करेंगे CO; 99% आवेदन रिजेक्ट करने पर 3 अधिकारियों पर कार्रवाई
पटना: बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। अब जमाबंदी में गड़बड़ी सुधारने के लिए केवल जमीन मालिक के आवेदन का इंतजार नहीं किया जाएगा। अंचलाधिकारी खुद रिकॉर्ड की जांच कर त्रुटियों की पहचान करेंगे और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।
99 फीसदी आवेदन रिजेक्ट करने पर 3 CO पर कार्रवाई
राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में सामने आया कि सारण जिले के कुछ अंचलों में राजस्व महाअभियान के करीब 99 प्रतिशत आवेदन रिजेक्ट कर दिए गए। इस पर विभाग ने गंभीरता जताते हुए परसा, अमनौर और दरियापुर के अंचलाधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अब CO खुद तलाशेंगे जमाबंदी की गड़बड़ी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमाबंदी में दर्ज त्रुटियों को दूर करने के लिए रैयत के आवेदन का इंतजार न करें। अधिकारी खुद रिकॉर्ड की जांच करें और जहां गलती मिले, वहां नियमानुसार सुधार की कार्रवाई करें।
पहले जिन मामलों को जमाबंदी की त्रुटि के कारण रिजेक्ट किया गया है, उनकी भी दोबारा समीक्षा कर आवश्यक सुधार के बाद निष्पादन करने की जिम्मेदारी CO की होगी।
31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान
बिहार में जमाबंदी अद्यतीकरण और उत्तराधिकार नामांतरण को लेकर विशेष अभियान 15 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। राज्य में बड़ी संख्या में पुराने भूमि रिकॉर्ड में नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, रकबा, लगान और अन्य विवरणों में त्रुटियां चिन्हित की जानी हैं।
मुख्य सचिव के निर्देश के मुताबिक डिजिटल जमाबंदी को मूल जमाबंदी पंजी की स्कैन प्रति से मिलाकर आवश्यक सुधार किया जाएगा। मृत जमाबंदीदारों के वैध उत्तराधिकारियों के नाम से भी नियमानुसार नामांतरण की कार्रवाई की जाएगी।
जमीन मालिकों को क्या फायदा होगा?
जमाबंदी रिकॉर्ड में नाम या जमीन का विवरण गलत होने से लोगों को जमीन की खरीद-बिक्री, दाखिल-खारिज, लोन और अन्य राजस्व कार्यों में परेशानी हो सकती है। विभाग का अभियान ऐसे रिकॉर्ड को दुरुस्त करने पर केंद्रित है।
वहीं बिहार भूमि पोर्टल पर नागरिकों के लिए ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस आवेदन की स्थिति और राजस्व महाअभियान आवेदन की स्थिति जैसी ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध हैं।
किन अधिकारियों पर नजर?
विभागीय समीक्षा में सारण के परसा, अमनौर और दरियापुर अंचलों में 99 प्रतिशत आवेदन रिजेक्ट किए जाने का मामला सामने आया। इसके अलावा पश्चिम चंपारण के ठकराहां और नौतन तथा सुपौल के पिपरा और बसंतपुर अंचलों के CO को भी कार्यप्रणाली में सुधार और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं।
आम लोगों के लिए जरूरी बात
अगर आपकी जमाबंदी में नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, रकबा, लगान या अन्य विवरण गलत है, तो अपने अंचल कार्यालय में इसकी जानकारी दें और उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं के जरिए आवेदन/स्थिति की जांच भी कर सकते हैं। किसी भी सुधार की प्रक्रिया में मूल दस्तावेज और विभागीय नियमों का पालन जरूरी है।
निलंबन संबंधी कार्रवाई के निर्देश विभागीय समीक्षा में सामने आए हैं। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अंतिम प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति अलग से आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगी।