BRICS Summit में मोदी-जिनपिंग-पुतिन की खास तस्वीर, अमेरिका पर क्या होगा असर?

First Lead Desk

BRICS Summit: मोदी-जिनपिंग-पुतिन की खास तस्वीर ने खींचा ध्यान, एक फ्रेम में दिखी ‘त्रिमूर्ति’; अमेरिका पर भी नजर

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में चल रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की एक साथ तस्वीर ने वैश्विक राजनीति में खासा ध्यान खींचा है। तीनों नेताओं की यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा चर्चा के केंद्र में है।

एक फ्रेम में मोदी, जिनपिंग और पुतिन

BRICS समिट के दौरान मोदी, जिनपिंग और पुतिन की मुलाकात को कूटनीतिक नजरिए से अहम माना जा रहा है। भारत, रूस और चीन—तीनों BRICS के प्रमुख सदस्य हैं और वैश्विक आर्थिक एवं राजनीतिक व्यवस्था में इन देशों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तीनों नेताओं की साथ में तस्वीर ने खासा राजनीतिक संदेश दिया है। यह मुलाकात ऐसे वक्त हो रही है, जब भारत और चीन के संबंधों में पिछले कुछ समय से धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

क्या है इस तस्वीर का बड़ा संदेश?

BRICS का विस्तार अब 11 सदस्य देशों तक हो चुका है और यह समूह दुनिया की करीब आधी आबादी तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। सम्मेलन में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक, खाद्य सुरक्षा और स्थानीय मुद्राओं में कारोबार जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

भारत BRICS की 2026 की अध्यक्षता कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी BRICS को पश्चिम के खिलाफ किसी गठबंधन के बजाय उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए सहयोग के मंच के तौर पर पेश करने पर जोर दिया है।

अमेरिका के लिए क्यों अहम है BRICS?

BRICS में आर्थिक सहयोग बढ़ाने और डॉलर पर निर्भरता कम करने जैसे मुद्दे भी चर्चा में हैं। ऐसे में मोदी-जिनपिंग-पुतिन जैसे प्रमुख नेताओं का एक मंच पर दिखाई देना वैश्विक शक्ति संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, इसे सीधे तौर पर अमेरिका या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ किसी संयुक्त मोर्चे के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। BRICS के सदस्य देशों के अमेरिका के साथ संबंध और उनके रणनीतिक हित अलग-अलग हैं।

भारत-रूस संबंधों पर भी फोकस

BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने का लक्ष्य भी दोहराया।

मोदी, जिनपिंग और पुतिन की एक तस्वीर भले ही कुछ सेकंड का दृश्य हो, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में इसका कूटनीतिक महत्व काफी बड़ा है। BRICS के बढ़ते प्रभाव और भारत की सक्रिय भूमिका के बीच यह तस्वीर दुनिया को यह संदेश जरूर देती है कि वैश्विक राजनीति अब तेजी से बहुध्रुवीय होती जा रही है।

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