अंतरजातीय विवाह से नाराज पिता ने बेटी का किया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार, पूर्णिया में मामला चर्चा में
पूर्णिया : बिहार के पूर्णिया जिले में अंतरजातीय प्रेम विवाह को लेकर एक परिवार में विवाद का मामला सामने आया है। नगर प्रखंड की गंगेली पंचायत के चपय गांव में एक पिता ने अपनी बेटी के अंतरजातीय विवाह के विरोध में उसका पुतला बनाकर प्रतीकात्मक रूप से अंतिम संस्कार किया। घटना के बाद इलाके में इसकी चर्चा तेज हो गई है।
प्रेम विवाह के बाद बढ़ा पारिवारिक विवाद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गांव की युवती रिया कुमारी ने गांव के ही युवक मिलन पासवान से प्रेम विवाह किया। दोनों के परिवार इस रिश्ते के विरोध में बताए जा रहे हैं। इसके बाद दोनों ने घर से बाहर जाकर शादी कर ली।
शादी के बाद युवती के पिता ने बेटी से संबंध खत्म करने का ऐलान किया। इसके बाद बेटी का पुतला तैयार कर उसकी अर्थी निकाली गई और प्रतीकात्मक रूप से अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की गई।
घटना ने खड़े किए सामाजिक सवाल
इस घटना ने अंतरजातीय विवाह, पारिवारिक असहमति और सामाजिक दबाव को लेकर बहस तेज कर दी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि विवाह जैसे व्यक्तिगत फैसले को लेकर परिवार और समाज की प्रतिक्रिया किस हद तक उचित है।
बिहार में इससे पहले भी अंतरजातीय विवाह के विरोध में प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार और पारिवारिक विवाद के मामले सामने आ चुके हैं। मई 2026 में बेगूसराय में भी एक युवती के परिजनों द्वारा प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार और पिंडदान किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
अंतरजातीय विवाह को लेकर विवाद केवल पारिवारिक मामला नहीं रह जाता, बल्कि यह सामाजिक भेदभाव, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सुरक्षा जैसे व्यापक सवालों से भी जुड़ता है। ऐसे मामलों में संबंधित पक्षों के आरोपों और पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।
इस घटना से जुड़े किसी भी आपराधिक आरोप या पुलिस कार्रवाई को प्रकाशित करने से पहले स्थानीय पुलिस/प्रशासन का आधिकारिक पक्ष जरूर शामिल करें।