पटना: भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और अटूट स्नेह का प्रतीक महापर्व रक्षाबंधन आज देश-दुनिया में बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सावन महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाए जाने वाले इस त्योहार को लेकर हर घर में सुबह से ही उत्सव का माहौल है। बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांध रही हैं, तो वहीं भाई अपनी बहनों को उनकी रक्षा का वचन और खूबसूरत उपहार दे रहे हैं।
देशभर के बाजारों में कई दिनों से रौनक देखी जा रही थी। रंग-बिरंगी आधुनिक राखियों से लेकर पारंपरिक रेशमी धागों की मांग सबसे अधिक रही। इसके साथ ही मिठाई की दुकानों पर भी सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस वर्ष रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए कई अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं। बहनों को अपने भाई के माथे पर तिलक लगाने और कलाई पर राखी बांधने के लिए निम्नलिखित समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: [चालू वर्ष की तिथि अनुसार सुबह/रात से]
- अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 06:15 बजे से सुबह 08:30 बजे तक।
- अभिजीत मुहूर्त (सबसे उत्तम): दोपहर 11:55 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक।
- अपराह्न काल (दुपहर का समय): दोपहर 01:30 बजे से शाम 04:15 बजे तक।
भद्रा काल का समय: भूलकर भी इस समय न बांधें राखी
सनातन परंपरा में भद्रा काल के दौरान राखी बांधना वर्जित माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भद्रा समय में किया गया शुभ कार्य फलदायी नहीं होता है।
- विशेष नोट: [इस वर्ष भद्रा की स्थिति के अनुसार समय] बजे तक भद्रा का साया रहेगा। इसके समाप्त होने के बाद ही बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें।
रक्षाबंधन पूजा की सही विधि (Step-by-Step)
यदि आप घर पर पूजा कर रहे हैं, तो इन आसान चरणों का पालन करें:
- थाल सजाएं: पूजा की थाली में कुमकुम (रोली), अक्षत (साबुत चावल), चंदन, राखी, दीपक और मिठाई रखें।
- दिशा का ध्यान: भाई का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। बहन का मुख पश्चिम की ओर हो।
- तिलक और आरती: सबसे पहले भाई के माथे पर कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाएं, फिर उनकी आरती उतारें।
- राखी बांधें: भाई के दाहिने हाथ की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हुए उनकी लंबी आयु की कामना करें।
- मुंह मीठा कराएं: भाई को मिठाई खिलाएं। इसके बाद भाई अपनी बहन के पैर छूकर या गले मिलकर आशीर्वाद दें और उपहार भेंट करें।