भोजपुरी फिल्म ‘बोध’ ने जागरण फिल्म फेस्टिवल में मचाई धूम, पटना में सीटें पड़ी कम

First Lead Desk

जागरण फिल्म फेस्टिवल पटना चैप्टर में भोजपुरी फिल्म ‘बोध’ की क्लोजिंग स्क्रीनिंग हुई। प्रशांत रंजन की फिल्म देखने उमड़े दर्शक, सीटें कम पड़ने पर सीढ़ियों पर बैठकर देखी फिल्म।

पटना: जागरण फिल्म फेस्टिवल के पटना चैप्टर का समापन रविवार, 4 अक्टूबर को भोजपुरी फीचर फिल्म ‘बोध’ की विशेष स्क्रीनिंग के साथ हुआ। पटना के पीएंडएम मॉल स्थित सिनेपोलिस के ऑडिटोरियम-4 में रात 8 बजे फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे, जिसके चलते ऑडिटोरियम की सीटें कम पड़ गईं। कई दर्शकों ने सीढ़ियों पर बैठकर फिल्म का आनंद लिया।

भोजपुरी सिनेमा के लिए खास रहा ‘बोध’ का प्रदर्शन

प्रशांत रंजन के लेखन, निर्माण और निर्देशन में बनी फिल्म ‘बोध’ को जागरण फिल्म फेस्टिवल में क्लोजिंग फिल्म के रूप में प्रदर्शित किया गया। फिल्म का निर्माण Trinetra Cinematics के बैनर तले हुआ है।

फिल्म में गरिमा मिश्रा, नीरज कृष्णा, अनिल मिश्रा, रचना सिंह, डॉ. शुभाष कृष्णा, डॉ. गौतम कुमार, रविकांत सिंह, कुणाल रंजन, शुभम दुबे, आदर्श कुमार, अभिषेक तिवारी, संगीता पांडेय, पल्लवी पल्लट, शिवांगी और पंखुरी सिंह सहित कलाकारों ने अभिनय किया है।

कोरोना काल की त्रासदी और मानवीय संवेदनाओं की कहानी

‘बोध’ की कहानी कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौर में पैदा हुए सामाजिक एवं मानसिक बदलावों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म महामारी को केवल स्वास्थ्य संकट के तौर पर नहीं देखती, बल्कि अकेलेपन, एकांतवास, सामाजिक दूरी, असुरक्षा, ऊब और रिश्तों में आए बदलाव को भी कथा का हिस्सा बनाती है।

फिल्म में एक भौतिकी के प्रोफेसर की महत्वाकांक्षी सोच, उनके सपनों और उन सपनों के परिणामों को केंद्र में रखा गया है। बदलते सामाजिक माहौल और कठिन परिस्थितियों के बीच पात्रों का आत्ममंथन फिल्म को एक अलग भावभूमि देता है।

दर्शकों का मिला अप्रत्याशित समर्थन

फिल्म की स्क्रीनिंग को लेकर टीम को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया की उम्मीद थी, लेकिन बड़ी संख्या में आम सिनेमा प्रेमियों के पहुंचने से माहौल और भी खास हो गया। स्थिति यह रही कि ऑडिटोरियम की सीटें भर जाने के बाद कुछ दर्शकों को सीढ़ियों पर बैठकर फिल्म देखनी पड़ी।

फिल्म की कास्ट और टेक्निकल टीम के कुछ सदस्यों ने भी दर्शकों के साथ सीढ़ियों पर बैठकर फिल्म देखी। टीम के लिए यह अनुभव लंबे समय तक याद रहने वाला बन गया।

‘बोध’ के लिए यादगार बना जागरण फिल्म फेस्टिवल का मंच

जागरण फिल्म फेस्टिवल के पटना चैप्टर में भोजपुरी फीचर फिल्म को क्लोजिंग स्क्रीनिंग का अवसर मिलना क्षेत्रीय सिनेमा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार में भोजपुरी सिनेमा की मजबूत परंपरा रही है और राज्य सरकार भी बिहार को फिल्म निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रस्तुत करती है।

‘बोध’ की स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों की मौजूदगी ने यह भी दिखाया कि भोजपुरी दर्शक सिर्फ पारंपरिक मनोरंजन वाली फिल्मों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाओं और गंभीर विषयों वाली कहानियों में भी उनकी रुचि है।

फिल्म की टीम

लेखन, निर्माण एवं निर्देशन: प्रशांत रंजन
संगीत: सीताराम सिंह
गीत: डॉ. प्रणव पराग
डीओपी एवं संपादन: पृथ्वी राज

सह-निर्माता: अनुपमा, प्रशांत रवि, रोहित चंद्रा और प्रभात रंजन शाही

मुख्य कलाकार: गरिमा मिश्रा, नीरज कृष्णा, अनिल मिश्रा, रचना सिंह, डॉ. शुभाष कृष्णा, डॉ. गौतम कुमार, रविकांत सिंह, कुणाल रंजन, शुभम दुबे, आदर्श कुमार, अभिषेक तिवारी, संगीता पांडेय, पल्लवी पल्लट, शिवांगी और पंखुरी सिंह।

पटना में जागरण फिल्म फेस्टिवल के अंतिम दिन ‘बोध’ की स्क्रीनिंग और दर्शकों का उत्साह फिल्म की टीम के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया। कोरोना काल जैसे कठिन दौर की सामाजिक और मानसिक परिस्थितियों को केंद्र में रखने वाली इस भोजपुरी फिल्म को मिले दर्शक समर्थन ने क्षेत्रीय सिनेमा के लिए नए विषयों और प्रयोगों की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।

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