31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान, नाम-पिता का नाम से लेकर खाता-खेसरा और रकबा तक होगा दुरुस्त
पटना: बिहार में जमीन के दस्तावेजों में दर्ज गलतियों को सुधारने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत करीब 90 लाख जमाबंदियों में दर्ज त्रुटियों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया की जा रही है।
अभियान के दौरान जमीन मालिकों के नाम, पिता या पति के नाम, खाता नंबर, खेसरा नंबर, रकबा और लगान समेत जमाबंदी से जुड़ी अन्य प्रविष्टियों में मौजूद गलतियों को सुधारा जाएगा। यह विशेष अभियान 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा।
किन गलतियों को कराया जा सकता है ठीक?
जमीन मालिक अपनी जमाबंदी में दर्ज विभिन्न प्रकार की त्रुटियों की जांच कर उन्हें ठीक कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। अभियान के तहत मुख्य रूप से इन विवरणों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया होगी—
- जमीन मालिक के नाम में गलती
- पिता/पति के नाम में त्रुटि
- खाता संख्या में गलती
- खेसरा संख्या में त्रुटि
- जमीन के रकबा में अंतर
- लगान से संबंधित गलत प्रविष्टि
- जमाबंदी से जुड़ी अन्य रिकॉर्ड संबंधी त्रुटियां
जमीन मालिकों के लिए क्यों जरूरी है रिकॉर्ड की जांच?
जमीन के सरकारी रिकॉर्ड में नाम, खाता-खेसरा या रकबा जैसी जानकारी में गलती रहने पर भविष्य में जमीन से जुड़े कामों में परेशानी हो सकती है। दाखिल-खारिज, जमीन की बिक्री, उत्तराधिकार और अन्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में सही रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होता है।
ऐसे में जमीन मालिकों को अपनी जमाबंदी की जानकारी जांचने और किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार कराने की सलाह दी जा रही है।
31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
विशेष अभियान के तहत राजस्व विभाग की ओर से जमाबंदियों के रिकॉर्ड की जांच और सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। जिन जमीन मालिकों के रिकॉर्ड में किसी तरह की त्रुटि है, वे अभियान की अवधि के दौरान संबंधित राजस्व कार्यालय/अधिकारी के माध्यम से सुधार की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
कैसे पता करें जमाबंदी में गलती?
जमीन मालिक पहले अपनी जमाबंदी में दर्ज विवरण की जांच करें। इसमें नाम, पिता का नाम, खाता संख्या, खेसरा संख्या, रकबा और लगान जैसी जानकारी को ध्यान से देखना जरूरी है।
यदि रिकॉर्ड में कोई गलती दिखाई देती है तो संबंधित राजस्व कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन के बाद उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित अधिकारी द्वारा जांच की जाएगी।
जमीन मालिक अभी करें यह काम
अगर आपके परिवार के नाम पर बिहार में जमीन है, तो अभियान खत्म होने का इंतजार न करें। अपनी जमाबंदी में दर्ज सभी विवरणों की जांच करें। किसी भी तरह की त्रुटि मिलने पर 31 अक्टूबर 2026 से पहले सुधार के लिए आवेदन करना उपयोगी रहेगा।
इस अभियान का उद्देश्य पुराने और डिजिटल भूमि रिकॉर्ड में दर्ज त्रुटियों को दूर कर जमीन संबंधी सरकारी रिकॉर्ड को अधिक सटीक और व्यवस्थित बनाना है।