पटना नगर निगम का नया प्लान: अब घर-घर पहुंचेंगे Revenue Officer, प्रॉपर्टी टैक्स का होगा री-असेसमेंट
पटना: राजधानी में प्रॉपर्टी टैक्स का दायरा बढ़ाने और नगर निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए पटना नगर निगम ने विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत रेवेन्यू अफसर अब घर-घर जाकर संपत्तियों का री-असेसमेंट करेंगे। अभियान का उद्देश्य संपत्ति की वास्तविक स्थिति के आधार पर टैक्स का निर्धारण करना और टैक्स रिकॉर्ड में मौजूद गड़बड़ियों को दूर करना है।
19 जोन में बांटा गया नगर निगम क्षेत्र
नगर निगम क्षेत्र को 19 जोन में बांटने की तैयारी की गई है। प्रत्येक जोन में जोनल हेड की तैनाती होगी। वहीं सभी अंचलों के रेवेन्यू अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए जाने की तैयारी है, ताकि लोग सीधे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकें।
घर बैठे भी कर सकेंगे सेल्फ असेसमेंट
अगर किसी मकान में नई मंजिल का निर्माण हुआ है या संपत्ति के सामने सड़क की श्रेणी में बदलाव हुआ है, तो संबंधित संपत्ति मालिक सेल्फ असेसमेंट कर सकता है। जरूरत पड़ने पर नगर निगम के अधिकारी को मौके पर बुलाकर भी संपत्ति का असेसमेंट कराया जा सकेगा।
पटना नगर निगम की आधिकारिक व्यवस्था के अनुसार, संपत्ति के दस्तावेज और भौतिक सत्यापन के बाद संबंधित रेवेन्यू अधिकारी कर निर्धारण को मंजूरी देते हैं और Property ID जारी की जाती है।
5,580 लोग करा चुके सेल्फ असेसमेंट
नगर निगम के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक अब तक 5,580 लोग सेल्फ असेसमेंट करा चुके हैं। इनमें से 3,673 लोगों ने प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान भी कर दिया है।
बड़े मॉल और कमर्शियल प्रॉपर्टी भी रडार पर
इस अभियान में केवल आवासीय मकान ही नहीं, बल्कि बड़ी व्यावसायिक संपत्तियों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। नगर निगम ने बड़े मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स, बैंक्वेट हॉल, अस्पताल और खाली जमीनों के निरीक्षण के लिए टाउन प्लानर और आर्किटेक्ट की विशेषज्ञ टीम गठित की है।
टीम स्वीकृत नक्शे और मौके पर मौजूद वास्तविक निर्माण क्षेत्र का मिलान करेगी। अगर निर्माण या टैक्स निर्धारण में अंतर मिलता है तो फोटो-वीडियो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमानुसार दोबारा टैक्स निर्धारण किया जा सकता है।
बिजली कनेक्शन के आंकड़ों से भी होगी संपत्तियों की पहचान
नगर निगम संपत्ति कर के दायरे से बाहर रह गई संपत्तियों की पहचान के लिए बिजली उपभोक्ताओं के आंकड़ों का भी इस्तेमाल कर रहा है। हाल की रिपोर्ट के अनुसार पटना में करीब 6.97 लाख बिजली उपभोक्ताओं के मुकाबले लगभग 3.05 लाख संपत्तियां ही प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में दर्ज थीं। इस अंतर को कम करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
30 सितंबर तक सेल्फ असेसमेंट का मौका
रिपोर्ट के अनुसार निगम ने लोगों को 30 सितंबर तक स्व-कर निर्धारण कर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने के लिए जागरूक करने की योजना बनाई है। इसके बाद 1 अक्टूबर से घर-घर जाकर संपत्तियों की जांच की जाएगी। टैक्स निर्धारण नहीं मिलने पर नियमों के तहत जुर्माने के साथ वसूली की कार्रवाई हो सकती है।
निगम का क्या है उद्देश्य?
पटना नगर निगम का लक्ष्य अधिक से अधिक कर योग्य संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाना, गलत या पुराने असेसमेंट को अपडेट करना और नगर निगम के राजस्व आधार को मजबूत करना है। निगम के अनुसार प्रॉपर्टी टैक्स से प्राप्त राजस्व का इस्तेमाल शहरी सुविधाओं और विकास कार्यों में किया जाता है।
अगर आपकी संपत्ति में नई मंजिल, अतिरिक्त निर्माण या उपयोग में बदलाव हुआ है, तो उसे नगर निगम के रिकॉर्ड में अपडेट कराना जरूरी है। पटना नगर निगम की वेबसाइट पर प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट और भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।