10,600 फीट की ऊंचाई पर 25 लाख फूल! लद्दाख में खुला दुनिया का सबसे ऊंचा ट्विन फ्लावर फील्ड
लेह, लद्दाख: बर्फीले पहाड़ों और ऊंचाई के लिए मशहूर लद्दाख में अब फूलों की रंगीन दुनिया पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। लेह के चोगलमसर और स्टकना में करीब 10,600 फीट की ऊंचाई पर दो विशाल फ्लावर फील्ड आम लोगों के लिए खोल दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार यहां 25 लाख से अधिक फूल लगाए गए हैं।
40 एकड़ में फैले हैं दोनों फ्लावर फील्ड
चोगलमसर और स्टकना के ये दोनों फ्लावर फील्ड करीब 40 एकड़ क्षेत्र में फैले हैं। इनमें लगभग 24 लाख Lilium (लिली) और करीब 1 लाख Gladiolus (ग्लैडियोलस) लगाए गए हैं। लद्दाख प्रशासन ने इन्हें दुनिया के सबसे ऊंचे ट्विन फ्लावर फील्ड के रूप में पेश किया है।
पहाड़ों के बीच रंग-बिरंगे फूलों का नजारा
लद्दाख का प्राकृतिक परिदृश्य आमतौर पर ऊंचे पहाड़ों और शुष्क भूभाग के लिए जाना जाता है। ऐसे वातावरण में इतने बड़े पैमाने पर फूलों की खेती अपने आप में आकर्षण बन गई है। चोगलमसर में जुलाई में पौधरोपण शुरू हुआ था और सितंबर के पहले सप्ताह में फूल खिलने लगे।
आज से पर्यटकों के लिए खुले
फ्लावर गार्डन को 18 सितंबर 2026 से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। वयस्कों के लिए प्रवेश शुल्क ₹25 और बच्चों के लिए ₹10 निर्धारित किया गया है। टिकट से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल गार्डन के रखरखाव में किया जाएगा।
सिर्फ पर्यटन नहीं, किसानों के लिए भी नई उम्मीद
लद्दाख प्रशासन के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं है। इसके जरिए व्यावसायिक फूलों की खेती, किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने की कोशिश की जा रही है। आगे इस मॉडल को लद्दाख के अन्य इलाकों में भी दोहराने की संभावना बताई गई है।
स्टकना में अक्टूबर में खिलेगा पूरा नजारा
प्रशासन के मुताबिक स्टकना में करीब 14 लाख Lilium पौधे लगाए गए हैं और वहां फूलों के पूरी तरह खिलने की उम्मीद अक्टूबर के अंत तक है। यानी आने वाले समय में यहां का नजारा और भी आकर्षक हो सकता है।
एक नजर में:
स्थान: चोगलमसर और स्टकना, लेह
ऊंचाई: करीब 10,600 फीट
फूल: 25 लाख से अधिक
प्रमुख फूल: Lilium और Gladiolus
क्षेत्रफल: करीब 40 एकड़
प्रवेश शुल्क: वयस्क ₹25, बच्चे ₹10
आम लोगों के लिए शुरुआत: 18 सितंबर 2026