13 करोड़ के पुल में दरार: उद्घाटन के 20 दिन बाद धंसा एप्रोच रोड, डीएम ने दिए जांच के निर्देश

First Lead Desk

Motihari Bridge News: मजुरहा-हरदिया पुल के एप्रोच पथ में उद्घाटन के 20 दिन बाद करीब 20 फीट लंबी दरार सामने आई। डीएम ने निर्माण गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं।

मोतिहारी : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी से पुल निर्माण से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मजुरहा-हरदिया पुल के एप्रोच पथ में उद्घाटन के महज 20 दिन बाद दरारें दिखाई देने लगी हैं। एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंसने की बात भी सामने आई है। नई बनी सड़क की इस स्थिति के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं और तकनीकी जांच की मांग की है।

एक सितंबर को हुआ था पुल का उद्घाटन

मजुरहा-हरदिया के बीच बेरुआ घाट पर बने इस आरसीसी पुल का उद्घाटन 1 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया था। करीब 72 मीटर लंबे और 7.5 मीटर चौड़े इस पुल को इलाके की कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया है। पुल के निर्माण से आसपास के करीब 10 प्रखंडों के लोगों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलने की बात सामने आई है।

हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद एप्रोच पथ में दरार और धंसाव की स्थिति सामने आने से स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई है।

करीब 20 फीट लंबी दरार, सड़क का हिस्सा धंसा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एप्रोच पथ में करीब 20 फीट लंबी दरार दिखाई दी है। सड़क के एक हिस्से के नीचे की ओर धंसने की स्थिति भी बताई जा रही है। सड़क के किनारे अन्य स्थानों पर भी दरारें नजर आने की जानकारी सामने आई है।

नई सड़क के इतने कम समय में क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री, सड़क की बेसिंग, मिट्टी की भराई और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन सवालों का वास्तविक जवाब तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

डीएम ने जांच के दिए निर्देश

मामले की जानकारी सामने आने के बाद पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने पुल निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को जांच के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

इस जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि एप्रोच पथ में दरार और धंसाव की वजह क्या है। इसके पीछे मिट्टी के बैठने, सड़क के बेस, जल निकासी, निर्माण सामग्री, कॉम्पैक्शन या किसी अन्य तकनीकी कारण की भूमिका है या नहीं, यह विशेषज्ञों की जांच के बाद ही पता चलेगा।

स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

एप्रोच पथ की स्थिति सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हाल ही में शुरू किए गए पुल के संपर्क पथ में इतनी जल्दी क्षति सामने आना जांच का विषय है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल ऊपरी सतह की मरम्मत करने के बजाय समस्या के मूल कारण का पता लगाया जाए। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और एप्रोच रोड की तकनीकी संरचना की भी जांच की जाए।

कई इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है पुल

मजुरहा-हरदिया पुल आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क परियोजना है। पुल के निर्माण से पहले स्थानीय लोगों को जिला मुख्यालय और अन्य इलाकों तक पहुंचने के लिए अपेक्षाकृत लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। पुल शुरू होने के बाद आवागमन को आसान बनाने और यात्रा की दूरी कम करने में मदद मिलने की बात कही गई थी।

ऐसे में एप्रोच पथ में आई दरार और धंसाव ने इस मार्ग से नियमित आवागमन करने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल एप्रोच पथ में दरार आने की वास्तविक तकनीकी वजह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है। निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्षति का कारण निर्माण से संबंधित किसी कमी, मिट्टी के बैठने, जल निकासी की समस्या या किसी अन्य तकनीकी वजह से जुड़ा है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस नए पुल के एप्रोच पथ में उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सामने आई क्षति की विभागीय जांच शुरू हो गई है।

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