राजगीर में मशाल-2.0 मास्टर ट्रेनर्स की कार्यशाला संपन्न, 200 से अधिक प्रशिक्षकों ने लिया हिस्सा

First Lead Desk

2 अक्टूबर को होगा मशाल-2.0 का शुभारंभ, फरवरी में जिला और राज्य स्तर पर होगी प्रतियोगिता

पटना: विश्व की सबसे बड़ी खेल प्रतिभा खोज प्रतियोगिता ‘मशाल-2.0’ के सफल संचालन को लेकर राजगीर में आयोजित दो दिवसीय ‘मशाल मास्टर ट्रेनर प्रोग्राम’ का गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यशाला में राज्यभर से 200 से अधिक शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और प्रशिक्षकों ने हिस्सा लिया।

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि राज्य में आयोजित होने वाली खेल प्रतिभा खोज प्रतियोगिता मशाल-2.0 का शुभारंभ 2 अक्टूबर को किया जाएगा। इसके बाद 3 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक राज्यभर के स्कूलों में स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।

उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में क्लस्टर और प्रखंड स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसके बाद फरवरी में जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।

पांच खेलों में होगी प्रतिभा की तलाश

मशाल-2.0 के तहत राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक सरकारी विद्यालयों के बालक और बालिकाएं हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिता में पांच खेल विधाओं को शामिल किया गया है।

इनमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और साइक्लिंग शामिल हैं। प्रतियोगिताएं अंडर-14 और अंडर-16 आयु वर्ग में आयोजित की जाएंगी।

प्रतिभा पहचान के लिए मास्टर ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण

महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि ‘मशाल मास्टर ट्रेनर प्रोग्राम’ का उद्देश्य प्रशिक्षकों को खेल प्रतिभाओं की पहचान, बैटरी टेस्ट, खिलाड़ियों के व्यावहारिक आकलन और ऑनलाइन पोर्टल के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित करना था।

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन राज्य के शारीरिक शिक्षा शिक्षकों और प्रशिक्षकों को सबसे पहले मशाल परियोजना की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके बाद करीब 200 प्रतिभागियों को तीन समूहों में बांटकर अलग-अलग सत्रों में मशाल प्रतियोगिता से जुड़े विभिन्न विषयों की ट्रेनिंग दी गई।

मास्टर ट्रेनर्स को बैटरी टेस्ट, खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और संबंधित आंकड़ों को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।

प्रैक्टिकल और प्रश्नोत्तर सत्र में दूर की गई समस्याएं

कार्यक्रम के दूसरे दिन गुरुवार को प्रैक्टिकल और प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें मास्टर ट्रेनर्स ने मशाल प्रतियोगिता और पोर्टल से जुड़े सवाल पूछे। प्रशिक्षकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने उनकी समस्याओं का समाधान किया।

बैटरी टेस्ट के प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग समूहों में प्रशिक्षकों की टीम लगाई गई। NIS एथलेटिक्स कोच अभिषेक कुमार, राजीव लोचन, एसकेएस नैन, रवि रावत, खुशबू कुमारी, सौरभ, चंदन दास, विशाल, आलोक पांडेय, कुमार आनंद, मुकेश, सुंधाशु, जागृति और श्याम कुमार चौधरी ने प्रशिक्षण दिया।

वहीं पोर्टल के इस्तेमाल और तकनीकी पहलुओं की जानकारी टेक्निकल एक्सपर्ट ऋषभ, नवीन, इम्तियाज, खेमराज, शिवम, कौशल और यश ने दी।

जिलों में मास्टर ट्रेनर्स देंगे आगे प्रशिक्षण

राजगीर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले ये मास्टर ट्रेनर्स अब अपने-अपने जिलों में शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद शारीरिक शिक्षा शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में विद्यार्थियों की खेल क्षमता को समझने, प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

राजगीर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पोर्टल आधारित प्रक्रिया, बैटरी टेस्ट और प्रैक्टिकल मूल्यांकन को एक साथ जोड़ा गया। आयोजकों के अनुसार, इससे राज्य में खेल प्रतिभाओं की पहचान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सटीक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

क्या है मशाल-2.0?

मशाल बिहार में स्कूली स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा खेल प्रतिभा खोज कार्यक्रम है। इसके माध्यम से कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे की प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

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