बिहार में बाढ़ के बीच PM मोदी का जन्मदिन समारोह, ‘आशीर्वाद का दीया’ पर RJD हमलावर
पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित किए जा रहे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। सत्तापक्ष की ओर से प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस आयोजन और इसमें होने वाले संभावित सरकारी खर्च को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
बिहार सरकार के मुख्यमंत्री सचिवालय के मुताबिक, ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। इसके तहत 17 सितंबर को राज्य के जिलों, अनुमंडलों, प्रखंडों, पंचायतों और बूथ स्तर पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
बाढ़ के बीच आयोजन पर विपक्ष के सवाल
RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीये जलाने के कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पर होने वाला खर्च बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को राहत देने की प्राथमिकता पर सरकार से सवाल किया है।
RJD नेता तेजस्वी यादव ने भी ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर सरकार और भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और ऐसे समय में आयोजन पर खर्च को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उनके बयान में 100 करोड़ रुपये खर्च होने का आरोप भी सामने आया है।
सरकारी स्तर पर क्या है योजना?
मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 13 प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’ के अलावा स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं तथा सार्वजनिक स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलना है।
कुछ जिलों में सरकारी स्कूलों और प्रशासनिक परिसरों में दीप प्रज्वलन को लेकर विभागीय निर्देश जारी किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ स्कूलों के लिए न्यूनतम दीपों की संख्या तक निर्धारित किए जाने का उल्लेख है।
बाढ़ राहत भी सरकार के एजेंडे में
वहीं, बिहार सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत राशि का भुगतान भी किया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने 15 सितंबर को 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से 579.23 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि अंतरित किए जाने की जानकारी दी थी।
16 सितंबर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बाढ़ आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की समीक्षा भी की गई थी। सरकार के अनुसार, केंद्र की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
अब सियासी मुद्दा बना ‘दीया’
बिहार में एक तरफ बाढ़ राहत और प्रभावित परिवारों को सहायता देने की सरकारी गतिविधियां जारी हैं, तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीपोत्सव को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। RJD का मुख्य तर्क सरकारी संसाधनों की प्राथमिकता और बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों से जुड़ा है, जबकि सरकार की ओर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी और सेवा गतिविधियों से जोड़कर पेश किया गया है।
ऐसे में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम बिहार में प्रधानमंत्री के जन्मदिन से ज्यादा सरकारी खर्च, बाढ़ राहत और सरकारी संस्थानों की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।