मुजफ्फरपुर में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने खेत बचाओ, जीवन बचाओ अभियान शुरू किया। बिहार के 534 प्रखंडों में किसान जागरूकता शिविर लगेंगे।
मुजफ्फरपुर: बिहार में खेतों के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से सोमवार को मुजफ्फरपुर की धरती से ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने किया। उन्होंने कहा कि खेतों का संरक्षण केवल एक संदेश नहीं, बल्कि धरती, किसान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प है।
कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी खेत बचाओ अभियान शुरू किया गया है। बिहार में भी इसे जनभागीदारी के माध्यम से गाँव-गाँव तक पहुँचाया जाएगा। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक संचालित होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप खेतों के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने और समृद्ध बिहार के निर्माण में किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
16 लाख किसानों तक पहुँचने का लक्ष्य
श्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि खरीफ मौसम के दौरान पूरे बिहार में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें 6,19,436 किसानों ने भाग लिया। इनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि किसानों की यह भागीदारी मिट्टी के स्वास्थ्य और खेतों के संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत है।
अब रबी मौसम 2026-27 में अभियान को राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुँचाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम-से-कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। विभाग का लक्ष्य अभियान के माध्यम से 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुँचकर उन्हें जागरूक करना है।
मिट्टी की जाँच और संतुलित खाद के इस्तेमाल पर जोर
कृषि मंत्री ने किसानों से आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जरूरत से ज्यादा उर्वरकों का इस्तेमाल खेती की लागत बढ़ाने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने किसानों को मिट्टी की नियमित जाँच कराने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड में दी गई अनुशंसाओं का पालन करने तथा वैज्ञानिक सलाह के आधार पर संतुलित मात्रा में खाद एवं उर्वरकों का इस्तेमाल करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि खेती में महत्वपूर्ण यह नहीं है कि खेत में कितनी खाद डाली गई, बल्कि यह है कि मिट्टी की जरूरत के अनुसार उसका कितना सही उपयोग किया गया।
नकली खाद-बीज बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
कृषि जन कल्याण संवाद के दौरान कृषि मंत्री ने नकली खाद एवं नकली बीज की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकली उर्वरकों के उत्पादन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नकली खाद-बीज के मामलों का खुलासा करने और दोषियों की पहचान उजागर करने में सराहनीय भूमिका निभाने वाले अधिकारियों को विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में मिलावट और अवैध बिक्री पर अंकुश लगाना तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि सामग्री उपलब्ध कराना है।
प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को मिलेगी प्राथमिकता
कृषि मंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इस पद्धति को अपनाने वाले किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत प्राथमिकता देने की बात कही गई है। उन्होंने प्राकृतिक खेती में जैविक खादों के अनिवार्य उपयोग पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही किसानों को यूरिया के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।
किसानों की भागीदारी से सफल होगा अभियान
श्री सिन्हा ने कहा कि खेत बचाओ अभियान की सफलता केवल बैठकों और कार्यक्रमों की संख्या से नहीं मापी जाएगी। इसकी वास्तविक सफलता खेती के तरीकों में सकारात्मक बदलाव से सुनिश्चित होगी। किसानों को मिट्टी की जाँच, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा को अपनी कृषि पद्धति का हिस्सा बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि खेतों का संरक्षण, किसानों की समृद्धि, महिला उद्यमिता, युवाओं के लिए रोजगार और श्रमिकों के सम्मान को साथ लेकर चलना आवश्यक है। कृषि को सशक्त बनाकर ही गाँवों को समृद्ध और बिहार को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में पद्मश्री श्रीमती राजकुमारी देवी, कृषि निदेशक श्री मुकेश लाल, उद्यान निदेशक श्री अभिषेक कुमार, बामेती निदेशक श्री पवन कुमार सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि मंत्री ने सभी किसानों और संबंधित विभागीय अधिकारियों से अपील की कि वे ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ अभियान को किसानों, गाँवों और आम जनता का अभियान बनाएं, ताकि मिट्टी स्वस्थ रहे, खेती समृद्ध बने और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित हो।