हरा चना की खेती से किसानों की समृद्धि का नया अवसर, प्रति एकड़ मिलेंगे 4,000 रुपये
पटना: बिहार में किसानों की आमदनी बढ़ाने और रबी मौसम में हरा चना की खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने विशेष प्रत्यक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति एकड़ 4,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। योजना के अंतर्गत बीज एवं अन्य कृषि उपादानों का वितरण 15 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार किसानों को बाजार की मांग के अनुरूप फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
10 जिलों में संचालित होगा कार्यक्रम
कृषि मंत्री ने बताया कि हरा चना (Early Variety) प्रत्यक्षण कार्यक्रम बिहार के 10 जिलों में लागू किया जाएगा। इनमें पटना, नालंदा, भोजपुर, गया जी, जहानाबाद, औरंगाबाद, भागलपुर, जमुई, लखीसराय और समस्तीपुर शामिल हैं। इस कार्यक्रम के तहत कुल 6,250 एकड़ भूमि में हरा चना की खेती का प्रत्यक्षण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस योजना के लिए कुल 250 लाख रुपये यानी 2.50 करोड़ रुपये की वित्तीय राशि निर्धारित की गई है। किसानों को प्रति एकड़ 4,000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें अगेती किस्म के हरा चना की खेती अपनाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
15 नवंबर तक मिलेगा बीज एवं कृषि उपादान
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि योजना के निर्धारित प्रत्यक्षण मॉडल के अनुसार किसानों को बीज एवं अन्य आवश्यक कृषि उपादानों का वितरण 15 नवंबर 2026 तक सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम का क्रियान्वयन संबंधित विभागीय यूनिट कॉस्ट कमिटी द्वारा अनुशंसित मॉडल के अनुरूप किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत स्वीकृत राशि की सीमा के भीतर जिलों एवं किसानों को आपूर्ति किए गए बीज और अन्य कृषि उपादानों के विरुद्ध देय राशि बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड, पटना को उपलब्ध कराई जाएगी।
बाजार की मांग के अनुरूप खेती पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि को लाभकारी बनाने के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाजार की मांग, फसल की उपलब्धता और किसानों को मिलने वाले मूल्य को भी ध्यान में रखना जरूरी है। हरा चना की अगेती किस्मों को बढ़ावा देने से किसानों को बाजार में फसल की शुरुआती आवक के दौरान बेहतर अवसर मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि बिहार के कुछ क्षेत्रों में उत्पादित हरा चना दूसरे जिलों के बाजारों तक भी पहुंचता है। ऐसे में गुणवत्तापूर्ण बीज, वैज्ञानिक तरीके से खेती और समय पर बुआई किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में पहल
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के विजन तथा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बाजार की मांग के अनुरूप फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग का प्रयास है कि किसानों को ऐसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए, जिनसे उनकी आय बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हों। हरा चना प्रत्यक्षण कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्य बिंदु एक नजर में
- योजना: हरा चना (Early Variety) प्रत्यक्षण कार्यक्रम
- सहायता राशि: 4,000 रुपये प्रति एकड़
- कुल लक्ष्य: 6,250 एकड़
- कुल बजट: 2.50 करोड़ रुपये
- लाभार्थी क्षेत्र: बिहार के 10 जिले
- बीज एवं उपादान वितरण की अंतिम तिथि: 15 नवंबर 2026
योजना का लाभ लेने की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के लिए संबंधित जिले के कृषि विभाग या प्रखंड कृषि कार्यालय से संपर्क करें।