बिहार पंचायत चुनाव से पहले बड़ा फैसला: अब मोबाइल ऐप से तय होंगी वार्डों की सीमाएं, 10 सितंबर तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम
पटना: बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब पंचायत के वार्डों के गठन और उनकी सीमाओं का निर्धारण डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए एक खास मोबाइल ऐप तैयार किया गया है, जिसके जरिए पूरी पारदर्शिता के साथ सीमाओं कांकन होगा। आयोग ने इस काम को पूरा करने के लिए 10 सितंबर तक की सख्त समयसीमा (डेडलाइन) तय की है।
डिजिटल तकनीक से दूर होगी धांधली
अब तक वार्डों के गठन और सीमा निर्धारण में कई तरह की विसंगतियों और पक्षपात की शिकायतें आती थीं। इस बार आयोग ने मानव हस्तक्षेप को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मोबाइल ऐप और जीपीएस ट्रैकिंग जैसी तकनीकों का सहारा लिया है। इस ऐप के जरिए हर वार्ड की भौगोलिक स्थिति और चौहद्दी को बिल्कुल सटीक तरीके से दर्ज किया जाएगा।
10 सितंबर तक हर हाल में पूरा होगा काम
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है। 10 सितंबर तक वार्डों के भौतिक सत्यापन और सीमा निर्धारण की प्रक्रिया को हर हाल में पूरा कर इसकी रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी। निर्धारित समय के भीतर काम पूरा न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
मुख्य बिंदु:
- पारदर्शिता: मोबाइल ऐप के इस्तेमाल से वार्डों के मनमाने निर्धारण पर रोक लगेगी।
- त्रुटिहीन डेटा: डिजिटल मैपिंग से सीमाओं का सटीक रिकॉर्ड तैयार होगा।
- समय सीमा: 10 सितंबर तक सभी जिलों को काम फाइनल करने का आदेश।
- चुनावी तैयारी: इस कदम से पंचायत चुनाव की प्रशासनिक तैयारियों को रफ्तार मिलेगी।
इस नए बदलाव से न सिर्फ प्रशासनिक अधिकारियों को काम करने में आसानी होगी, बल्कि आम जनता और उम्मीदवारों को भी सीमाओं को लेकर कोई भ्रम नहीं रहेगा। आयोग का यह कदम बिहार में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।