नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार देर रात 12 से अधिक केंद्रीय राज्यमंत्रियों के साथ करीब तीन घंटे तक मैराथन बैठक की। आधी रात तक चली इस बैठक में मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और अब तक किए गए सुधारों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी।
बैठक को मोदी सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में प्रधानमंत्री अलग-अलग मंत्रालयों के राज्यमंत्रियों के साथ इसी तरह की और बैठकें कर सकते हैं। इन बैठकों के जरिए मंत्रियों के प्रदर्शन और मंत्रालयों की प्रगति का आकलन किए जाने की संभावना है।
टाइम-बाउंड डिलीवरी पर पीएम मोदी का जोर
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि काम की गति के साथ उसकी गुणवत्ता से भी समझौता नहीं होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और प्रभावी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे।
मंत्रियों ने बैठक में अपने मंत्रालयों की ओर से किए गए सुधारों, नई पहलों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रधानमंत्री के सामने रखी।
विकसित भारत 2047 पर भी हुई चर्चा
बैठक में विकसित भारत 2047 का लक्ष्य भी प्रमुख मुद्दा रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से उनके संबंधित मंत्रालयों के भविष्य के विजन और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में उनकी भूमिका को लेकर जानकारी ली।
पीएम मोदी ने जोर दिया कि मंत्रालयों की योजनाएं और नीतियां विकसित भारत के दीर्घकालिक लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। इसके लिए समयबद्धता, गुणवत्ता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई गई।
कैबिनेट मंत्री और शीर्ष नौकरशाह बैठक से रहे बाहर
सूत्रों के अनुसार, इस तरह की यह पहली बैठक थी। खास बात यह रही कि इसमें कैबिनेट मंत्री और शीर्ष नौकरशाह शामिल नहीं हुए। बैठक में मुख्य रूप से स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे राज्यमंत्री और विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े राज्यमंत्री मौजूद रहे।
कृषि, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े राज्यमंत्रियों ने बैठक में हिस्सा लिया।
क्या कैबिनेट फेरबदल की तैयारी?
मंत्रियों के साथ लगातार होने वाली इन बैठकों को संभावित कैबिनेट फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, बैठक में फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मंत्रालयों के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और मंत्रियों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद आने वाले दिनों में सरकार के स्तर पर संगठन और मंत्रिमंडल से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी की यह मैराथन बैठक इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मंत्रालयों के प्रदर्शन की समीक्षा और विकसित भारत 2047 के एजेंडे के बीच संभावित कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं।